MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List

NEET UG की ऑल इंडिया कोटा (15% AIQ) काउंसलिंग में राउंड 1 के मुकाबले राउंड 2 की चॉइस फिलिंग सबसे अधिक रणनीतिक और चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। राउंड 1 में सभी मेडिकल कॉलेजों की कुल 100% सीटें उपलब्ध होती हैं, जिससे अभ्यर्थी बिना किसी डर के लंबी लिस्ट भर देते हैं। लेकिन राउंड 2 में केवल वही सीटें खाली बचती हैं जिन पर राउंड 1 के चयनित छात्रों ने रिपोर्ट नहीं किया या जिन्हें अपग्रेडेशन के लिए डाला गया है।
राउंड 2 की प्रेफरेंस लिस्ट बनाते समय दो प्रकार के छात्र होते हैं— पहले वे जिन्हें राउंड 1 में सीट नहीं मिली (Fresh Applicants), और दूसरे वे जिन्हें राउंड 1 में कोई कॉलेज अलॉट हो चुका है और वे बेहतर कॉलेज के लिए 'अपग्रेड' करना चाहते हैं। दोनों के लिए चॉइस फिलिंग का फॉर्मूला पूरी तरह अलग होता है।
MCC Round 2 Counselling 2026: संक्षिप्त रूपरेखा
| विवरण बिंदु | आधिकारिक जानकारी |
|---|---|
| काउंसलिंग संस्था | Medical Counselling Committee (MCC / DGHS) |
| काउंसलिंग चरण | Round 2 (द्वितीय चक्र) |
| आवेदन की प्रकृति | फ्रेश रजिस्ट्रेशन एवं चॉइस मॉडिफिकेशन (Fresh / Upgradation) |
| फ्री एग्जिट नियम | लागू नहीं (Exit with Forfeiture) |
| चॉइस ऑर्डर का आधार | Vacant Seat Matrix + Round 1 Cutoff + NIRF Ranking |
| आधिकारिक वेबसाइट | mcc.nic.in |

Upgradation Candidates: अपग्रेड कराने वाले छात्र ये गलती न करें
यदि आपको राउंड 1 में कोई सीट मिल चुकी है और आपने एडमिशन लेकर अपग्रेडेशन का विकल्प चुना है, तो प्रेफरेंस लिस्ट बनाते समय इन तकनीकी बिंदुओं का पालन करें:
1. सभी कॉलेजों को दोबारा न भरें
सबसे बड़ी गलती यह होती है कि छात्र राउंड 1 की तरह फिर से 200-300 कॉलेज जोड़ देते हैं। आपको केवल और केवल वही कॉलेज अपनी लिस्ट में डालने हैं जो आपके वर्तमान अलॉटेड कॉलेज से बेहतर (Better Priority) हों।
2. वर्तमान कॉलेज से नीचे का कोई कॉलेज न डालें
सॉफ्टवेयर नियम के अनुसार यदि राउंड 2 में आपकी लिस्ट का कोई भी निचला कॉलेज अलॉट हो गया, तो आपका राउंड 1 वाला सुरक्षित कॉलेज हमेशा के लिए आपके हाथ से निकल जाएगा। फिर आप चाहकर भी पुराने कॉलेज में वापस नहीं आ सकते।
3. यदि कोई कॉलेज अलॉट नहीं हुआ तो?
यदि राउंड 2 में आपके द्वारा भरे गए उच्चतर विकल्पों में से कोई कॉलेज नहीं मिलता, तो आपकी राउंड 1 वाली सीट सुरक्षित बनी रहेगी और आप उसी सीट पर रहते हुए राउंड 3 में पुनः अपग्रेडेशन का प्रयास कर सकते हैं।
Fresh Candidates: जिन्हें राउंड 1 में कोई सीट नहीं मिली
जिन छात्रों को राउंड 1 में कॉलेज अलॉट नहीं हुआ था या जिन्होंने राउंड 2 में पहली बार फ्रेश रजिस्ट्रेशन किया है, वे इस रणनीति का पालन करें:
- Vacant Seat Matrix का विश्लेषण: MCC द्वारा जारी सीट मैट्रिक्स देखें कि आपकी संबंधित कैटेगरी (UR/OBC/SC/ST/EWS) में किस कॉलेज में कितनी सीटें खाली हैं।
- 4,000 से 5,000 रैंक का मार्जिन: राउंड 1 की क्लोजिंग रैंक को आधार बनाएं। सामान्यतः राउंड 2 में कट-ऑफ 4,000 से 5,000 रैंक तक नीचे खिसकती है। अपनी रैंक के आसपास वाले सभी कॉलेजों को प्राथमिकता क्रम में रखें।
- अवास्तविक विकल्प न भरें: यदि आपकी ऑल इंडिया रैंक 35,000 है और किसी कॉलेज की राउंड 1 कट-ऑफ 1,500 पर बंद हो गई थी, तो वह कॉलेज आपको राउंड 2 में नहीं मिलेगा। अपनी रैंक के अनुरूप तार्किक और यथार्थवादी कॉलेज ही क्रम में रखें।
- पसंदीदा राज्यों का चयन: यदि आप अपने गृह राज्य या नजदीकी राज्य (जैसे दिल्ली, यूपी, राजस्थान, बिहार) में ही रहना चाहते हैं, तो उन राज्यों के शीर्ष कॉलेजों को प्राथमिकता दें।
Step-by-Step Guide: राउंड 2 प्रेफरेंस लिस्ट कैसे बनाएं?
MCC पोर्टल पर चॉइस फिलिंग करते समय नीचे दी गई चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाएं:
Step 1: वेकेंट सीट और कट-ऑफ का मिलान
राउंड 1 की ऑफिशियल रिजल्ट पीडीएफ और राउंड 2 का सीट मैट्रिक्स डाउनलोड करें। दोनों का मिलान करके उन कॉलेजों की सूची बनाएं जहां आपकी कैटेगरी में सीटें रिक्त हैं।
Step 2: कॉलेजों की ग्रेडिंग व रैंकिंग तय करें
कॉलेजों को तीन श्रेणियों में बांटें— ड्रीम कॉलेज (शीर्ष AIIMS / MAMC आदि), वास्तविक कॉलेज (आपकी रैंक के आसपास वाले), और बैकअप कॉलेज (कट-ऑफ से 5,000 रैंक नीचे वाले)।
Step 3: पोर्टल पर सही क्रम में चॉइस ऐड करें
mcc.nic.in पर लॉगिन करें। 'Choice Filling' टैब में जाकर अपनी तैयार सूची के अनुसार कॉलेजों को 1, 2, 3 क्रम में जोड़ें। 'Move' और 'Swap' विकल्प से क्रम को री-चेक करें।
Step 4: समय रहते चॉइस लॉक करें
चॉइस फिलिंग समाप्त होने के बाद चॉइस लॉकिंग विंडो में जाकर अपने विकल्पों को लॉक करें और भरे हुए फॉर्म का पीडीएफ प्रिंटआउट डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।
राउंड 1 बनाम राउंड 2: काउंसलिंग नियमों का तुलनात्मक विश्लेषण
| नियम / शर्त | राउंड 1 (Round 1) | राउंड 2 (Round 2) |
|---|---|---|
| फ्री एग्जिट (Free Exit) | उपलब्ध (कोई पेनल्टी नहीं) | उपलब्ध नहीं (सीट छोड़ने पर फीस जब्त) |
| सीट अपग्रेडेशन सुविधा | राउंड 2 के लिए उपलब्ध | राउंड 3 के लिए उपलब्ध |
| चॉइस फिलिंग का दायरा | सभी उपलब्ध सीटें | केवल रिक्त एवं अपग्रेडेड संभावित सीटें |
| नया रजिस्ट्रेशन (Fresh Apply) | उपलब्ध | उपलब्ध (फीस भुगतान के साथ) |
Important Links
| महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक्स | |
|---|---|
| MCC UG Portal Login (Choice Filling) | mcc.nic.in |
| Download Round 2 Vacant Seat Matrix | Click Here |
| Round 1 Allotment Result & Cutoff PDF | View Result |
Summary Table
| फ़ील्ड | विवरण |
|---|---|
| काउंसलिंग | MCC NEET UG Round 2 |
| मुख्य फोकस | सीट अपग्रेडेशन एवं चॉइस प्रेफरेंस |
| सुरक्षित रैंक गैप | 4,000 - 5,000 रैंक मार्जिन |
| अलॉटमेंट के बाद विकल्प | एडमिशन लें या अपग्रेडेशन टू राउंड 3 |
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q. Q1: MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List बनाते समय अपग्रेडेड छात्रों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
Ans: जिन छात्रों को राउंड 1 में कॉलेज मिल चुका है, उन्हें MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में केवल वही मेडिकल कॉलेज भरने चाहिए जो उनके वर्तमान कॉलेज से बेहतर हों। यदि राउंड 2 में कोई कॉलेज अलॉट हो जाता है, तो राउंड 1 की पुरानी सीट अपने आप रद्द हो जाती है।
Q. Q2: क्या MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में सभी कॉलेजों को दोबारा भरना सही है?
Ans: नहीं, MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में सभी कॉलेजों को दोबारा भरना एक बड़ी भूल हो सकती है। आपको केवल अपनी पसंदीदा और बेहतर वरीयता वाले कॉलेज ही डालने चाहिए, ताकि किसी कमतर कॉलेज में अनचाहा आवंटन न हो।
Q. Q3: MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List तैयार करते समय वेकेंट सीट मैट्रिक्स की क्या भूमिका है?
Ans: MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List बनाने से पहले खाली सीटों (Vacant Seats) का मैट्रिक्स देखना अनिवार्य है ताकि पता चल सके कि आपकी संबंधित श्रेणी (UR/OBC/SC/ST/EWS) में किस संस्थान में कितनी सीटें बची हैं।
Q. Q4: क्या MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में फ्री एग्जिट का नियम लागू होता है?
Ans: नहीं, MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List के आवंटन पर फ्री एग्जिट लागू नहीं होता है। यदि आपको राउंड 2 में सीट मिलती है और आप जॉइन नहीं करते हैं, तो आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि जब्त कर ली जाएगी।
Q. Q5: MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में फ्रेश रजिस्ट्रेशन करने वाले अभ्यर्थी चॉइस कैसे क्रमबद्ध करें?
Ans: नए अभ्यर्थी अपनी ऑल इंडिया रैंक, राउंड 1 की क्लोजिंग कट-ऑफ और 4,000 से 5,000 रैंक के सुरक्षित मार्जिन को ध्यान में रखकर शीर्ष से मध्यम स्तर के कॉलेजों को MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में प्राथमिकता क्रम में सजाएं।
Q. Q6: यदि MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List के बाद कोई नया कॉलेज अलॉट नहीं होता तो क्या राउंड 1 की सीट सुरक्षित रहेगी?
Ans: हाँ, यदि आपने राउंड 1 की सीट पर रिपोर्ट करके अपग्रेड का विकल्प चुना था और MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में आपको कोई नया कॉलेज नहीं मिलता, तो आपकी राउंड 1 वाली सीट पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
Q. Q7: MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में कट-ऑफ रैंक का कितना सुरक्षित मार्जिन लेकर चलना चाहिए?
Ans: पिछले वर्षों और राउंड 1 के रुझानों के आधार पर MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में लगभग 4,000 से 5,000 ऑल इंडिया रैंक का यथार्थवादी मार्जिन लेकर कॉलेजों का चयन करना चाहिए।
Q. Q8: क्या MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List से अलॉटेड सीट को राउंड 3 में अपग्रेड कराया जा सकता है?
Ans: हाँ, यदि आप MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में आवंटित कॉलेज में तय समय पर जाकर एडमिशन ले लेते हैं, तो आप रिपोर्टिंग के दौरान राउंड 3 (Mop-up) के लिए अपग्रेडेशन का विकल्प चुन सकते हैं।
Q. Q9: MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में चॉइस लॉक करना क्यों अनिवार्य है?
Ans: यदि आप अंतिम तिथि तक MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List को खुद लॉक नहीं करते हैं, तो सिस्टम अंतिम सेव किए गए क्रम को स्वतः लॉक कर देता है। इसलिए समय रहते अपने क्रम को री-चेक करके मैनुअल लॉक करना सबसे सुरक्षित है।
Q. Q10: यदि MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में आवंटित सीट पर छात्र एडमिशन नहीं लेता है, तो क्या पेनल्टी लगेगी?
Ans: यदि छात्र MCC Counselling 2026 Round 2 Preference List में सीट मिलने के बाद एडमिशन नहीं लेता है, तो उसकी जमानत राशि (Security Deposit) जब्त हो जाएगी और उसे राउंड 3 में भाग लेने के लिए दोबारा सिक्योरिटी फीस जमा करनी होगी।
